4:58 pm - Monday July 23, 2018

जुर्म की सज़ा निर्धारित करे सरकार

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हज़रत शेख़ मखदूम अब्दुल हक़ की दरगाह शरीफ के सज्जादानशीन शाह अम्मार अहमद अहमदी नैय्यर मियां ने एक साथ तीन तलाक़ के सुप्रीम कोर्ट के फैसले को इस्लाम के लिए किसी हद तक सराहनीये बताया उन्होंने कहा एक साथ ठीक तलाक़ इस्लामी कानून के हिसाब से ठीक नही बोले कि इसे हम जुर्म करार देते है लिहाज़ा भारत सरकार इस जुर्म की सज़ा निर्धारित करे ना कि इसके खात्मे के फैसला करें सज्जादानशीन शाह अम्मार अहमद अहमदी नैय्यर मियां ने कहा कि यही शरीयत का कानून है हमे इसपर पूरी तरह से इख्तियार मिलना चाहिए जैसा कि जस्टिस अब्दुल नज़ीर जस्टिस कोरियन जोजफ जस्टिस खेर ने संविधान की धारा 25 ने तमाम मज़हब के मानने वालों को अपने अपने मज़हबी क़ानून के तहत ज़िन्दगी गुज़रने का पूरा हक़ तस्लीम किया है वह बोले कि ये फैसला सारे मजहबी के साथ खास कर हमारे मजहबे इस्लाम की एक बहोत बड़ी कामयाबी है इससे हमारे खयालात की भरपूर ताईद होती है इस बात की भी गारंटी देती है की कोर्ट किसी भी मज़हब व मिल्लत के मज़हबी मुआमलात में दखलंदाज़ी न करे धारा 25 के तहत हर भारतीय को उसके मजहबी अख्तियार की ज़मानत दी गई है जिसे कोर्ट ने कबूल किया सुप्रीमकोर्ट ने यह भी क़बूल किया है कि पर्सनल ला को अदालतों की तरफ से बुनियादी हुक़ूक की अवहेलना की बुनियाद पर चेलेंज नही किया जा सकता उन्हों ने कहा कि इस कानून के तहत हम मुसलमान अपने मुल्क में अपने मजहबी एतबार से ज़िन्दगी गुज़रने का पूरा हक रखते है लेकिन क़ुरआन व हदीस हुक्म ही हमारे लिए अव्वलीन दर्जा रखता है मजहब में औरतों को जो इज़्ज़त व तहफ़्फ़ुज़ दिया है शरीयत की हद में रहते हुए जो आज़ादी दी है दुनिया के किसी मज़हब में इसकी नज़ीर नही मिलती तलाके बिदअत का ताअल्लुक़ है तो मुस्लिम तंजीमों इस बात को पहले ही बता चुकी है एक समय मे तीन तलाक़ देना बेहतर तरीका नही है वह बताते हैं कि कई सर्वे से पता चला है कि ज़मीनी सतह पर एसा बहोत कम होता है एक लंबे समय से हम खुद इस ताल्लुक से समाजी इस्लाही प्रोग्राम चलकर व बोर्ड की जानिब से मॉडल निकाहनामा जारी करके तलाक़ की इस शक्ल पर रोक लगाने के लिए कार्यरत हैं गत 22 मई 2017 को मुसलिम तंज़ीमो ने कोर्ट में हलफनामा फाइल किया था जिसमे ये कहा गया कि बोर्ड ने निकाह पढ़ाने वाले मोलवियों वा काजियों को हिदायत दी है कि वह निकाह पढ़ाते वक़्त दोनों फरीक़ो की मंजूरी से शर्त लगा सकते है कि शौहर अपनी बीवी की एक समय मे तीन तलाक़ नही देगा

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तीन तलाक पर सुप्रीमकोर्ट का आज फैसला

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